जिलाधिकारी ने नीति वैली का दौरा कर टिंमरसैण महादेव के दर्शन किये

डीएम ने नीति वैली में स्थिति वाइब्रेन्ट गांवो का निरीक्षण कर लिया जायेजा

जिलाधिकारी ने दुरस्त गाँव के लोगों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनी,और हर संभव मदद का दिया आश्वासन

बीआरओ के द्वारा सड़क निर्माण हेतु भूमि हस्तानंतरण को लेकर राजस्व और वन विभाग की टीम को दिए आवश्यक दिशा निर्देश

ज्योतिर्मठ ।  07 जनवरी 2026 । जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बुधवार को जनपद के सीमांत क्षेत्र नीति वैली का भ्रमण करते हुए टिंमरसैण महादेव के दर्शन किये। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि टिंमरसैण महादेव में आकर उन्हें अद्भुत शांति एवं आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति हुई है। उन्होंने देश-विदेश के पर्यटकों से टिंमरसैण महादेव एवं नीति वैली भ्रमण की अपील करते हुए कहा कि यह क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ शांत, प्राकृतिक वातावरण के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन रहा है, जहाँ आने वाले लोगों को आध्यात्मिक शांति के साथ प्रकृति से जुड़ने का अवसर प्राप्त होता है।जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग द्वारा क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा हेतु विकसित की जा रही आधारभूत व्यवस्थाओं की सराहना की।

भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने तपोवन से नीति वैली तक मार्ग में पड़ने वाले वाइब्रेन्ट गांवों में विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद कर कनेक्टिविटी, पेयजल आपूर्ति, राशन की उपलब्धता एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं की ग्राउंड लेवल पर स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान तहसीलदार ज्योतिर्मठ महेन्द्र आर्य द्वारा जिलाधिकारी को रैंणी गांव में वर्ष 2021 में आई आपदा के संबंध में जानकारी दी गई।

जिलाधिकारी ने तमक गांव के ग्रामीणों से भेंट कर उनकी समस्याओं को जाना। ग्रामीणों द्वारा तमक नाले के पास नदी द्वारा जमा हुए पानी के निस्तारण तथा गांव से परिवहन व्यवस्था के लिए बस सुविधा की मांग की गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तमक नाले के समीप जल निकासी हेतु आवश्यक कार्यवाही करने तथा परिवहन सुविधा के संबंध में परीक्षण कर प्रस्ताव तैयार किये जाने का आश्वासन दिया।

इस दौरान जिलाधिकारी ने बीआरओ द्वारा निर्माणाधीन ग्लेशियर कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने बीआरओ द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में भूमि हस्तांतरण से संबंधित विषयों को लेकर वन विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर भूमि हस्तानंतरण प्रक्रिया सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिए। जिससे विकास कार्य निर्बाध रूप से आगे बढ़ सकें।जिलाधिकारी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों का समग्र विकास केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस दौरान राजस्व विभाग, वन विभाग, पुलिस विभाग के कर्मचारी मौजूद रहें।

 

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