औली। नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप एवं विंटर गेम्स कार्निवाल 2026,  तृतीय दिवस के परिणाम 

औली की स्वर्णिम, हिमाच्छादित ढलानों पर आज तृतीय दिवस का आयोजन सचमुच एक भव्य खेल महोत्सव में परिवर्तित हो गया। बर्फ से ढकी चोटियों के बीच साहस, संतुलन, तकनीक और टीम वर्क का अद्वितीय संगम देखने को मिला। खिलाड़ियों के उत्साह, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और आयोजन समिति की सुदृढ़ व्यवस्थाओं ने इस दिन को यादगार बना दिया।

देश के विभिन्न राज्यों, आर्मी, आईटीबीपी तथा अन्य संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण ट्रैक पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए खेल भावना का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया।

स्लालॉम – पुरुष वर्ग

मयंक पंवार (आर्मी)

देबेन्द्र गुरुंग (आर्मी ग्रीन)

आशिफ अज़ीज जरगर (आर्मी रेड)

स्लालॉम – महिला वर्ग

आँचल ठाकुर (हिमाचल प्रदेश)

तनुजा ठाकुर (हिमाचल प्रदेश)

प्रोमिला ठाकुर (हिमाचल प्रदेश)

स्नोबोर्ड – पुरुष वर्ग

बाकिर अहमद लोन (जम्मू-कश्मीर)

जुबेर अहमद लोन (जम्मू-कश्मीर)

विवेक राणा (आर्मी)

स्नोबोर्ड – महिला वर्ग

प्रकृति ठाकुर (हिमाचल प्रदेश)

प्रीति ठाकुर (हिमाचल प्रदेश)

दीपिका ठाकुर (हिमाचल प्रदेश)

स्की माउंटेनियरिंग (वर्टिकल) – पुरुष वर्ग

शार्दुल थपलियाल (उत्तराखंड)

राजेश्वर सिंह (आर्मी)

हिमांशु कवाण (उत्तराखंड)

 

स्की माउंटेनियरिंग (वर्टिकल) – महिला वर्ग

नताशा महर (हिमाचल प्रदेश)

काम्या कार्तिकेयन (महाराष्ट्र)

साक्षी ठाकुर (हिमाचल प्रदेश)

लोकल ट्यूब रेस

हिमांशु

मुन्ना कुंवर

संजय बिष्ट

स्नो स्विंग – प्रथम रेस

आशीष भण्डारी

वसीम अहमद लोन

रजत शर्मा

स्नो स्विंग – द्वितीय रेस

राजेश (आईटीबीपी)

सचिन कवाण

हिमांशु कवाण

तीसरे दिन के सभी परिणाम रेस ऑफिस से विजयंत रावत एवं विक्रम फरस्वाण द्वारा विधिवत घोषित किए गए।

इस सफल आयोजन के पीछे टीम वर्क की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। जीएमवीएन के प्रदीप मंद्रवाल, प्रीति डिमरी, वंदना पंवार, कमल किशोर डिमरी, वीरेन्द्र गुसाई, पर्यटन विभाग, आईटीबीपी, आर्मी तथा विंटर गेम्स एसोसिएट के सचिव राकेश रंजन भिलंगवाल, सहसचिव अजय भट्ट, कोच विकेश डिमरी, विमलेश पंवार एवं राजीव मेहता सहित समस्त आयोजन समिति ने समन्वय, अनुशासन और समर्पण के साथ व्यवस्थाओं को उत्कृष्ट रूप दिया।

ट्रैक की तैयारी से लेकर सुरक्षा प्रबंधन, तकनीकी संचालन से लेकर खिलाड़ियों की सुविधाओं तक—हर स्तर पर सुदृढ़ योजना और सामूहिक प्रयास स्पष्ट दिखाई दिया।

सैकड़ों दर्शकों, सैलानियों और खेल प्रेमियों की उपस्थिति ने औली को उत्सव स्थल में बदल दिया। यह आयोजन केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि एकता, समर्पण और उत्तराखंड की बढ़ती खेल पहचान का सशक्त संदेश है।

औली की यह बर्फीली धरती आज युवाओं के साहस और सपनों की उड़ान की साक्षी बनी—जहाँ खेल, टीम भावना और उत्कृष्ट आयोजन ने मिलकर इतिहास रच दिया।

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