श्रीमाताजी का जीवन धरती पर स्थायी वसंत की उम्मीद है – प्रोफेसर प्रीति कुमारी

ज्योतिर्मठ, 21 फरवरी 2026 : राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ के एडुसैट सभागार में आध्यात्मिक विभूति और श्रीअरविन्द आश्रम पॉन्डिचेरी की अधिष्ठात्री श्री माताजी का 148वाँ जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।

ज्ञात हो कि श्रीअरविन्द सोसाइटी पॉन्डिचेरी और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ के बीच शोध और भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन के लिए 10 साल के लिए एक अकादमिक अनुबंध(MoU) भी हुआ है। *श्रीमाताजी : जीवन और संदेश* विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी ने प्रोफेसर सत्यनारायण राव, डॉ. गोपालकृष्ण सेमवाल के साथ माताजी के चित्र पर दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इतिहासकार डॉ. रणजीत सिंह मर्तोलिया ने माताजी का सारगर्भित जीवन परिचय दिया।

राजनैतिक विश्लेषक डॉ. राजेन्द्र सिंह राणा ने श्रीअरविन्द के संदेश और आध्यात्मिक दर्शन को धरातल पर उतारने में माताजी की भमिका पर उपयोगी व्याख्यान दिया। बीज व्याख्यान देते हुए डॉ. चरणसिंह केदारखंडी ने कहा कि ज्ञान और कला की भूमि फ़्रांस में 21 फरवरी 1878 को जन्मीं श्रीमाँ जन्मजात सिद्ध योगिनी थी और बीसवीं सदी के दूसरे दशक से 1973 तक अपनी तपस्या और तितिक्षा से उन्होंने श्रीअरविन्द के योग कर्म को अपना एक एक क्षण समर्पित किया। माँ ने श्रीअरविन्द आश्रम, श्रीअरविन्द सोसायटी, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पत्रिका आर्य के प्रकाशन और संचालन, श्रीअरविन्द अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केन्द्र और वसुधैव कुटुंम्बकम के आदर्श पर बसाई गई उषा नगरी ऑरोविल जैसी संस्थाओं का निर्माण किया।

केदारखंडी ने कहा कि युवा शक्ति, नारी शक्ति, जीवन प्रबंधन, भारत की आध्यात्मिक नियति के निर्धारण और शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे आधारभूत विषयों पर माताजी के विचार आज अत्यंत प्रासंगिक हैं। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी ने कहा कि श्रीमाँ जैसी विभूति का जन्म सदियों में एक बार घटित होने वाली घटना है। प्राचार्य ने कहा कि आतंकवाद, युद्ध, शरणार्थी संकट और बढ़ती कट्टरता के इस अंधकारमय पावस में माताजी का जीवन और योग मानवता, प्रेम और समन्वय के उजाले की उम्मीद का नाम है। प्रोफेसर प्रीति कुमारी ने कहा कि उनके लिए यह हर्ष का विषय है कि 21 फरवरी को उनका स्वयं का जन्मदिन भी है! डॉ. नवीन पंत के कुशल मंच संचालन में आयोजित विचार गोष्ठी में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र संघ सहित छात्र छात्राओं ने प्राचार्य को उनके जन्मदिन की हार्दिक बधाई दी और उनके मार्गदर्शन में महाविद्यालय के निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर होने की मंगलकामना की।

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