
ज्योतिर्मठ : नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत फूलों की घाटी रेंज की टीम द्वारा उच्च हिमालयी क्षेत्रों की सुरक्षा और वन्यजीवों की निगरानी हेतु चलाया गया 06 दिवसीय सघन गश्त अभियान शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह अभियान मुख्य रूप से शीतकाल के दौरान अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और वन्यजीवों के पारिस्थितिकी तंत्र का अध्ययन करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया । 16 फरवरी को गश्ती दल गोविंदघाट रेंज कार्यालय से रवाना हुआ था।
टीम द्वारा (17 – 19 फरवरी) निरीक्षण कर घांघरिया और फूलों की घाटी के मुख्य क्षेत्रों का सघन भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया । 20 फरवरी को टीम ने कठिन गस्त कर भ्यूंडार घाटी के दुर्गम क्षेत्र सिमर टोली तक पहुँचकर निरीक्षण किया। 06 दिनों का कार्य पूरा कर टीम सुरक्षित रेंज कार्यालय वापस पहुँची।
फल स्वरुप जैव-विविधता एवं कैमरे में स्थापित कैमरा ट्रैप्स की जाँच करने पर उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं। गश्त के दौरान निम्नलिखित दुर्लभ वन्यजीवों की सक्रियता कैमरे में कैद हुई है जिसमें हिम तेंदुआ (Snow Leopard), कस्तूरी मृग (Musk Deer), और राज्य पक्षी मोनाल। गुलदार (Common Leopard), लेपर्ड कैट, भालू, हिमालयन सेरो,हिमालयन थार, येलो थ्रोटेड मार्टन और रेड फॉक्स आदि हैं। निरीक्षण के दौरान फूलों की घाटी, घांघरिया एवं भ्यूंडार क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से हवाई सर्वेक्षण किया गया। ड्रोन द्वारा ली गई तस्वीरों और वीडियो के विश्लेषण से उन दुर्गम क्षेत्रों की भी निगरानी संभव हो पाई जहाँ मानवीय पहुँच कठिन है। संपूर्ण गश्त और ड्रोन सर्वे के दौरान पार्क क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध मानवीय गतिविधि (अतिक्रमण या शिकार) के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
गश्ती दल के सदस्य -जय प्रकाश अनुभाग अधिकारी, नरेंद्र सिंह वन वीट अधिकारी, मान सिंह वन आरक्षी, सुशील चौहान वन वीट अधिकारी, अरविंद सिंह वन आरक्षी, नागेंद्र सिंह वन वीट अधिकारी, प्रीतम सिंह वन आरक्षी, मनोज भट्ट वन आरक्षी, अजय सिंह रावत वन वीट अधिकारी एवं 02 वनीकरण watcher अन्य पोर्टर मौजूद रहे।

