


चमोली। हाट-सियासैण, मायापुर (पीपलकोटी) चमोली में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त 2026 की शाम पानी का रिसाव एवं भूस्खलन होने से हुए हादसे के बाद लगातार 6 दिनों तक रेस्क्यू अभियान युद्धस्तर पर जारी रहा। कठिन परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू टीमों ने दिन-रात एक कर लापता श्रमिकों की तलाश और राहत-बचाव कार्य किया।
इस चुनौतीपूर्ण अभियान के दौरान कुछ ऐसे पर्दे के पीछे के हीरोज भी रहे, जिनका योगदान भले ही कैमरों की नजर में न आया हो, लेकिन रेस्क्यू अभियान को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही।
1- प्रभाकर भट्ट पुत्र स्व. अनुसूया प्रसाद भट्ट रुद्राक्ष लॉज, मायापुर 2- मुकेश पंत पुत्र स्व. चक्रधर प्रसाद पंत आरुषि पैलेस, मायापुर
इन दोनों होटल स्वामियों ने आपदा की इस कठिन घड़ी में मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए रेस्क्यू टीमों को अपने होटलों में निशुल्क कमरे उपलब्ध कराए। इतना ही नहीं, रेस्क्यू अभियान में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए भी अपने होटल परिसर में स्थान उपलब्ध कराया।
जहां कुछ लोग आपदा में अवसर तलाशते हैं, वहीं इन दोनों होटल स्वामियों ने अवसर नहीं, अपना सहयोग और संवेदना चुनी। बिना किसी स्वार्थ के रेस्क्यू टीमों के साथ खड़े रहकर उन्होंने यह साबित किया कि मुश्किल वक्त में इंसानियत ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
वहीं चमोली ने कहा कि पुलिस इन दोनों सेवाभावी होटल स्वामियों के जज्बे, सहयोग और मानवीय संवेदना को दिल से सलाम करती है।

