ज्योतिर्मठ: औली में आयोजित राष्ट्रीय स्की चैंपियनशिप 2026 और खेलो इंडिया शीतकालीन खेल 2026 में प्रदेश का परचम लहराने वाले पदक विजेता खिलाड़ियों को राज्य सरकार ने बड़ा सम्मान दिया है। उत्तराखंड खेल विभाग और उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत पुरस्कार राशि सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में जमा कर दी गई है। सरकार के इस कदम से खिलाड़ियों में खुशी की लहर है और पूरे प्रदेश में खेल प्रेमियों ने सरकार का आभार जताया है।
उत्तराखंड के युवा स्कीयर शार्दुल थपलियाल ने इस शीतकालीन सत्र में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्की चैंपियनशिप 2026 और खेलो इंडिया शीतकालीन खेल 2026 दोनों में प्रथम स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक जीता है।
शार्दुल की इस उपलब्धि पर उन्हें कुल 2 लाख 81 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी गई है। इसमें उत्तराखंड खेल विभाग की ओर से 2 लाख रुपये, उत्तराखंड पर्यटन विभाग की ओर से 51 हजार रुपये और खेलो इंडिया योजना के तहत 30 हजार रुपये शामिल हैं। शार्दुल की यह सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।
हिमांशु कंवाण और संगीता भट्ट ने भी बढ़ाया प्रदेश का मान
औली राष्ट्रीय स्की चैंपियनशिप 2026 में हिमांशु कंवाण ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया। हिमांशु को उत्तराखंड खेल विभाग से 1 लाख रुपये और पर्यटन विभाग से दो श्रेणियों में 30 हजार और 20 हजार रुपये, कुल 1 लाख 52 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।
वहीं खेलो इंडिया शीतकालीन खेल 2026 में तृतीय स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीतने वाली प्रतिभाशाली खिलाड़ी संगीता भट्ट को 10 हजार रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया है। स्की माउंटेनियरिंग एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष अजय भट्ट ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार, खेल विभाग, पर्यटन विभाग, खेलो इंडिया और विंटर गेम्स एसोसिएशन तथा राष्ट्रीय स्की चैंपियनशिप आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि संस्थाओं के सहयोग से ही खिलाड़ियों को उचित प्रोत्साहन मिल पाया है। एसोसिएशन ने सभी प्रशिक्षकों, तकनीकी अधिकारियों और स्वयंसेवकों का भी धन्यवाद किया ।आगामी शीतकालीन सत्र के लिए एसोसिएशन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। जल्द ही प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों से नई प्रतिभाओं को खोजने के लिए विशेष प्रतिभा खोज कार्यक्रम चलाया जाएगा। इन खिलाड़ियों को विशेष प्रशिक्षण देकर राष्ट्रीय टीम के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि उत्तराखंड को शीतकालीन खेलों के मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाई जा सके।

