मलारी शिविर में 268 ग्रामीणों को मिला योजनाओं और सेवाओं का लाभ
ज्योतिर्मठ ,‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत विकासखंड जोशीमठ के सीमांत गांव मलारी में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की टीम सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों तक पहुंची और ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याएं एवं शिकायतें सुनी गईं तथा अनेक समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। वहीं स्थानीय ग्रामीणों द्वारा क्षेत्र के पारंपरिक उत्पादों, हस्तशिल्प एवं ऊनी वस्त्रों के स्टॉल भी लगाए गए। अतिथियों एवं अधिकारियों ने इन स्टॉलों का अवलोकन कर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।
शिविर में कुल 268 ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया। ग्रामीणों की ओर से 34 शिकायत एवं आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 14 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों/आवेदनों को संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजा गया। 
शिविर के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित प्रमाण पत्रों के लिए 14 ग्रामीणों के आवेदन पत्र भरवाए गए, जबकि 57 ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इससे ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ उनके गांव में ही उपलब्ध हुआ।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 03 अक्टूबर 2026 को विकासखंड गैरसैंण के विकासखंड परिसर में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ शिविर आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री प्रेम सिंह राणा, जनजाति आयोग सदस्य श्रीमती नंदी राणा, श्री सुरेंद्र सिंह राणा, उपजिलाधिकारी जोशीमठ श्री चंद्रशेखर वशिष्ठ, खंड विकास अधिकारी जोशीमठ श्री मोहन जोशी, जिला समाज कल्याण अधिकारी श्री धनंजय सिंह लिंगवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

