शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बदरीनाथ धाम में हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर गहरा शोक जताते हुए धाम की मर्यादा रक्षा हेतु कड़े कदमों मांग उठाई

 

 

बदरीनाथ/ 31 अक्टूबर 202 शंकराचार्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती महाराज ने शुक्रवार को बदरीनाथ धाम से दर्शन कर लौट रहे कर्नाटक राज्य के छह श्रद्धालुओं की हेलीकॉप्टर दुर्घटना अथवा मौसम व तकनीकी खराबी के कारण हुई अचानक एवं असमय मृत्यु पर गहरा दुःख व्यक्त किया गया है। इस भीषण त्रासदी से मन अत्यंत व्यथित एवं विचलित है। दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना किए ।

 

तीर्थक्षेत्र की पवित्रता एवं सांस्कृतिक मर्यादा की रक्षा-

वक्तव्य में बद्रीनाथ धाम की प्राचीन परंपरा, पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि धाम परिसर एवं पवित्र यात्रा मार्ग पर अनधिकृत मानवीय गतिविधियों, जैसे कि डीजे बजाना, नाच-गाना एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों का आयोजन, तीर्थ स्थल की गरिमा के सर्वथा विपरीत है।

 

 

धर्मशास्त्रों एवं लोक आस्था के अनुसार, देवभूमि में मर्यादा का उल्लंघन करने से दैवीय शक्तियों का असंतोष व प्रकोप उत्पन्न होता है। अतएव, धाम की मौलिक और आध्यात्मिक प्रकृति को हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए ।

 

प्रशासन एवं उत्तराखंड सरकार से प्रमुख मांगें

उत्तराखंड सरकार एवं माननीय मुख्यमंत्री जी से निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए

 

उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच: हेलीकॉप्टर दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजहों (तकनीकी खामी, मौसम की अनदेखी या व्यावसायिक आपाधापी) की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

 

सख्त नीतियां एवं निर्णय: भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उड्डयन सुरक्षा मानकों को कड़ा किया जाए ।

 

 

अमर्यादित गतिविधियों पर रोक: धाम क्षेत्र में धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रकार के डीजे, नाच-गाना या कमर्शियल इवेंट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने हेतु स्पष्ट एवं कठोर नीति बनाई जाए ।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *